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भारत में सट्टेबाजी कानून: सामान्य प्रश्न

कानूनी स्थिति और सुरक्षा से जुड़े आपके सबसे महत्वपूर्ण सवालों के जवाब हिंदी में।

Priya Sharma — Cricket Betting Expert at CricketBetGuides
Written by Priya Sharma · Legal & Compliance Expert

Former Sports Law Consultant · Expert in Indian Gaming Regulations · Advocate for responsible gambling frameworks

Priya Sharma is a former sports law consultant who covers the legal side of online gaming in India. She wrote this site's coverage of the Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025, from what the Act prohibits through to the constitutional challenge still pending before the Supreme Court. Her focus is consumer protection: what the law now says, what happens to people caught mid-transition, and where to get help. She writes explainers, not legal advice, and says so on every page.

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Frequently Asked Questions

क्या भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी कानूनी है?

नहीं। 1 मई 2026 से Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025 पूरे भारत में लागू है। यह कानून ऑनलाइन रियल-मनी गेम्स की पेशकश, उनके लिए भुगतान की सुविधा देने और उनके विज्ञापन पर रोक लगाता है — चाहे वह खेल कौशल (skill) का हो या संयोग (chance) का। यह अधिनियम 22 अगस्त 2025 को राजपत्र में प्रकाशित हुआ था। पहले वाली 'राज्य-दर-राज्य ग्रे ज़ोन' वाली स्थिति अब पुरानी हो चुकी है।

इस कानून के तहत क्या दंड हैं?

ऑनलाइन मनी गेम की पेशकश या उसे सुविधा देने पर तीन साल तक की कैद और ₹1 करोड़ तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन और भुगतान की सुविधा देना भी अलग अपराध हैं।

क्या अब भी कुछ वैध है?

हाँ। ई-स्पोर्ट्स और फ्री-टू-प्ले (बिना पैसे वाले) सोशल गेम्स इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आते। रोक केवल ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग पर है।

क्या सट्टेबाजी से जीते हुए पैसे पर टैक्स देना होता है?

ऑनलाइन गेम्स से होने वाली आय पर आयकर अधिनियम की धारा 115BBJ के तहत 30% फ्लैट टैक्स लगता है, और धारा 194BA के तहत नेट विनिंग्स पर TDS काटा जाता है। धारा 115BB और 194B लॉटरी तथा क्रॉसवर्ड जैसी आय के लिए हैं — वह अलग व्यवस्था है। ध्यान रहे कि किसी आय पर टैक्स लगना उस गतिविधि को वैध नहीं बनाता — 1 मई 2026 से ऑनलाइन रियल-मनी सट्टेबाजी प्रतिबंधित है। अपनी स्थिति के लिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह लें।

एजेंट के माध्यम से आईडी (ID) लेना सुरक्षित है?

नहीं। 1 मई 2026 से ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग की सुविधा देना ही अपराध है, इसलिए एजेंट के ज़रिए ली गई आईडी का कोई कानूनी संरक्षण नहीं है। ऐसे लेन-देन में पैसा वापस पाने का कोई कानूनी रास्ता नहीं बचता, और अग्रिम-शुल्क (advance-fee) धोखाधड़ी आम है।

महत्वपूर्ण सूचना

यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और इसे कानूनी सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। नियम समय-समय पर बदल सकते हैं।